कभी संगीत की धुन में बहते हुए
कभी बातों बातों में तेरा जिक्र होते हुए
लिख देता हूँ दिल की बात
तेरी सुध में खोते हुए
कुछ बातें बताते हुए
मौसम हसींन होते हुए
बीते पलों की सुध में बहते हुए
कर देता हूँ हालेदिल बयां
शब्दों में पिरोते हुए
कुछ यादें जो बनाई थी साथ तेरे
कुछ यादें बनाने की सोचते हुए
कभी बीती बातों को याद कर के मुस्कुराते हुए
तो कभी सारा जीवन तेरे साथ बिताने की सोचते हुए
बह जाती है भावनाएं दिल की
तेरी याद में लिखते हुए
कभी अकेले में हस्ते हुए
कभी मन ही मन रोते हुए
आती है जब याद तेरी
बिना कुछ सोचे हुए
लिख देता हूँ कुछ शब्द
तेरी और खींचते हुए

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