और गलत साबित मुझे किया गया
वह लड़ने की वजह ढूंढती रही
मैं रिश्ते को सहेजता रहा
हर बार वो मेरी खामियां निकालती रही
मैं उसके हिसाब से खुद को बदलता रहा
वो मुझसे दूरी चाहती थी
मैंने उसे करीब लेन के तरीके अपनाता रहा
उसने कई बार रिश्ता तोड़ा
मैं रिश्ता जोड़ता रहा
वह छोटी-छोटी बातों पर झगड़ती रहती थी
मैं उसे मनाता रहा
गलती किसी की भी हो
माफी मैं मांगता रहा
मैं नासमझ था
उसे खोने से डरता था
और आज मुझे गलत बताया गया
मुझे दुनिया की नजरों में कमी बताया गया
मैं रातों में उठ उठ के रोता रहा
बिछड़ने के गम में खो गया था
वह दूसरों के साथ खुशियां मनाती रही
और गलत साबित मुझे किया गया

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