कभी मिलो बरसात में
दुपहिए में घुमायेंगें
ना छाता ना बरसाती
भीगते हुए जायेंगें
कहीं दूर एकांत में
चाय की चुस्की लगाएंगे
कभी मिलो बरसात में
लम्बी राइड पे चलेंगें
पहाड़ों की हसीन वादियों में
पंछियों की सुनहरी आवाज में
दोनों कहीं ग़ुम हो जायेंगें
कभी तो मिलो बरसात में
तुम्हें जिंदगी जीना सिखाएंगे
तोहफे तो देते है लोग सभी
तुम्हें जिंदगी ख़ुशी से जीना सिखाएंगे
जिंदगी का कोई भरोसा नहीं
तुम्हें कुछ ना भूलने वाली यादें देंगें
कभी तो मिलो बरसात में
कहीं दूर घुमाएंगे
गाड़ी न सही
पैदल साथ में समय बिताएंगे
कल रहे न रहे
चाय की चुस्कियों के साथ
हालेदिल बताएँगे
कभी तो मिलो बरसात में ..........
Waah
ReplyDeleteAre mammuuu chha gyee🤩🤩
ReplyDeleteBahut badhiya
ReplyDeleteAre bhai bhai
ReplyDeleteAmazing...
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