हर सड़क धुआं धुआं
हर मोड़ शराबी है
तेरे शहर में फकत
इतनी सी खराबी है
सिमटें है सभी किरदार खुद में
कभी साथ साथ कभी जुदा जुदा
लगे मगर सभी जज्बाती हैं
न जाने कैसे छोड़ कर जाऊं तुझे
कदम कदम पे मैखाने खुलें
हर एक शख्स यहाँ शराबी है
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| Kuch Hasin Pal |
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| Kuch Hasin Pal |
👍
ReplyDeleteaap bhi aur hum bhi ... sab sarabi hai...
ReplyDeleteVery deep
ReplyDeleteअति उम्दा ज़नाब। क्या बात है।
ReplyDeleteमियाँ! कतई ज़हर ����
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