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Showing posts from June, 2021

जो कभी करीब थे

मेरे छूने से भी अब वो गलने लगे हैं सुना है राहे-ए-वफ़ा पे वो चलने लगे हैं। दिखाते थे जो ख्वाब सारी कायनात के वो अब अपनी ही दुनिया में पलने लगे हैं। झेली थी जिसने हर तपिश मेरे लिए वो भी अब मुझसे ही जलने लगे हैं। रहे हर जलवा तेरा सलामत यही दुआ है हमारा क्या, हम भी अब खुद को ही खलने लगे हैं। Feelings Never Die